Sunday, October 22, 2017

शुभ दीपावली

प्रकाश पर्व पर हो प्रसन्न
प्रेम-प्रदीप का हो प्रज्ज्वलन
पराजित परम पुण्य से तम
हो पाप प्रकोप का पूर्ण पतन
प्रभु के प्रसाद से मिटे क्लेश
पीयूष वृष्टिमय हो प्रदेश
प्राचीन प्रभाव पुनरावृत्त हों
पुनः स्वर्णिम पथ में हो प्रवेश
हो पर्यावरण का सत्-परिवर्तन
बढ़े प्राणवायु प्रतिशत प्रतिक्षण
पृथ्वी की पलकें प्रतीक्षारत हैं
प्रबुद्ध प्रजा अब ले यही प्रण
रीति-प्रकृति- प्रजातंत्र- पवन
से प्रदूषण मुक्ति का हो प्रकरण
प्रारंभ हो प्रज्ञा पूंज प्रवाह
प्रार्थना का ये पवित्र प्रयोजन
प्रशस्ति प्रसिद्धि के प्रतीक बन
परिमाण गढ़ें प्रगति-प्रमाण संग
निरापद हो प्रयास का प्रक्रम
प्रतिपल नव प्रारब्ध प्रवर्तन।। 
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हो सर्व प्रसारित ये प्रसंग.....
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं...
आनंद अभिभूत आशीर्वचन की अपेक्षा में..

Thanks alot  Anshu Kita  for this effort to translate it in such an amazing and awesome way....

"Let's be happy on this festival of lights
And lighten up the light of love
Let the goodness defeat the darkness
And this havoc of sins see a downfall!

Let the blessings of God take away all the pains..
Let the country experience the rain of immortalness..
Let the imprint from ancient times repeat itself..
And we enter the old golden path once again!

Let the environment change for good
With each moment bringing a rise in oxygen percentage..
Oh!..The Earth is waiting with its eyes wide open
May the wise countrymen take the oath to bring the same...

Let the rituals, environment, democracy n the air around us be all pollution free
And let's pray for a pious beginning of education n prosperity
Let us achieve all the milestones of development and gain name n fame everywhere..

P.s.- I m not sure about last 2 lines...So didn't translate...

Sunday, October 1, 2017

निर्वाण



बंजारा मुसाफिर हो जाऊं 
फिर राहों में ही खो जाऊँ। 
मंज़िल की कोई फिक्र ना हो 

खुद से खुद का जिक्र न हो। 
रिश्तों का मायाजाल हटा दूँ 
मुझे बांधे वो जंजाल हटा दूँ ।
आवारापन रूह पे छाये 
वक्त मुझे घसीट ना पाये।

काश यही अंजाम हो मेरा 
हाँ ऐसा 'निर्वाण' हो मेरा!


#निर्वाण : मुक्ति /मोक्ष 

Thursday, June 22, 2017

आधे अधर

आधे अधर अब धीर धरने में हैं अक्षम 
कोमल कपोलों को दिए जाएँ निमंत्रण !!
Thirsty lips are losing patience for their adorable destination!
सब अपनी सहूलियत और कल्पना के हिसाब से अपने अपने अर्थ निकलने के लिए स्वतंत्र हैं!