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Wednesday, June 9, 2010

और जरा


और जरा तुम पास मेरे होते तो
तेरे साए में सर रख कर सोते तो

इस दुनिया में गम का कोई साथी नहीं
मेरे लिए गम के सिवा कोई बाकी नहीं
खुशियाँ भी तो दर्द लिए हैं तुम जैसी
पास तेरे न चैन मिले ,पर खोते तो..... .

दिल की धड़कन बढती जाए जाने क्यों
अहसास  मेरे  गैर भला पहचाने क्यों
कह दो तुम भी साथ मेरा जो ना चाहो
तेरे ख्वाब लिए हम ना ऐसे सोते तो ....

सुनो तो !

कोई आपसा न मिला है न मिलेगा हमसे
जाने किस बात का शिकवा गिला है हमसे

मेरा सपना,मेरी खुशियाँ न मिलेगी फिरसे
अब तक जो पल ,हंसी का मिला है तुमसे

हम हैं तेरे पास मगर दूर तुम्ही जाने लगे
प्यार का पहला कदम देखो चला है फिरसे

कोई तुझे पाए मंजूर नहीं ये हमको
मतलबी दिल है मेरा ,फिर भी भला है उससे

'शक' है दुश्मन मेरी चाहत का पता है लेकिन
गम है की शख्श भरोसे  का न मिला है हमसे

मरता तो नहीं मैं याद में पड़ के तेरी
जीने की कसम एक दिन ये जो मोला है तुमसे

उम्र इंतज़ार में काटूं,चलो ये मान भी लूँ
न भूलना ,ख्वाबों में मिलने का सिला है हमसे

मेरी नज़्म गाती हवाएं

ज़िन्दगी का ये सफ़र कुछ ऐसे गुजार दूँ
तेरी आँखों में तैरने को कोई नगमा उतार दूँ

तू मेरी वफ़ा का लुत्फ़ ले, मैं तुझको सदाएं दूँ
तेरी खुशियों के कायनात में हर पल निसार दूँ.

मेरी नज़्म गाती हवाएं पत्तों के बीच जाकर
तू खोयी सी रहे और, मैं तुझको निहार लूँ.